दौरा सुरुवाल ढका टोपी लगाएको देखेउ होला
छिमे की लाई मेला पात सघयेको देखेउ होला
वारी बिउ परि खेत तेसैले ता काम ढिला
हिलो मैलो तमोर म बगाए को देखेउ होला
नबोले रा चुप चाप बरण्ड म बसी हेर्दा
भट्टी बाट बत्तल बत्तल माग्य को देकेउ होला
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लाठी मुंग्री गरि उतै भाग्य को देखेउ होला
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